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दादी माँ के मुख से

एक बार की बात है एक भूखा गीदड़ जंगल से निकलकर गाँव की ओर निकल आया | उसने सोचा, कि यहाँ भूख मिटाने के लिए खाना मिल जाएगा, क्योंकि जंगल में तो भूखे मरने की नौबत आ गई थी...
एक बहेलिये ( पक्षियों को पकड़ने वाला ) ने एक बड़े से बरगद के वृक्ष के नीचे एक जाल बिछाया पक्षियों को पकड़ने के लिए , क्योंकि उस वृक्ष पर कबूतरों  का एक बड़ा परिवार रहता था | और...
एक राजा था |  प्रजा उसे बहुत चाहती थी |  राजा भी प्रजा के सुख-दु:ख  का बहुत ख्याल रखता था |  हर  रोज़ वह घोड़े पर सवार होकर प्रजा का हाल-चाल लेने निकलता |  जहाँ जिसकी जो शिकायत होती,...
आकांक्षा के जन्मदिन के दिन जब वह स्कूल से लौटी, तो उसने अपनी मम्मी को पोलीथीन में कचरा पैक करते हुए देखा | कचरे में हरी सब्जियों के पत्ते और टुकड़े भी थे | वह मम्मी से...
नन्दन वन में एक छोटा-सा हाथी का बच्चा नंदू अपनी माँ के साथ रहता था | नंदन वन के तालाब का पानी ठंडा और मीठा नंदू को बहुत अच्छा लगता है | वह अक्सर अपनी माँ...
गोलू गीदड़ जंगल की सफाई करता था | एक दिन सफाई करने के बाद गोलू आराम कर रहा था | तभी एक दिन अचानक वह उछल गया | उसे ध्यान आया - 'आज नए साल का...
अकबर के दरबार में सुल्तान खानणाम का एक आम दरबारी था | उसकी इच्छा थी कि वह कुछ ऐसा काम करे कि राज दरबार में उसे ऊँचा ओहदा मिल जाए | लोग उसका सम्मान करें और उसके...

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