सद् गुरू की सीख 

सही ज़िन्दगी का मुतायला करने और करवाने वाले हैं| इनकी अगर कोई माँग तुमसे है तो यही है कि अगर कोई नुक्स तुम्हारे अन्दर है या कोई बात तुम्हें तपा रही है तो वह इनको दे दो,और अपने आप को ठण्डा कर लो| ये कोई महात्मा या सन्त नहींचहैं| सही जिन्दगी की तहकीकात करने वाले अदने इन्सान हैं| तुम लोगों की सेवा में कुछ विचार ये रखते हैं| इन्होंने यह पहले अपने जीवन में घटाएं हैं, फ़िर आपके सामने रखे हैं| सुनी सुनाई कोइ बात तुम इनसे कभी ना सुनोगे | जो काम तुम करना चाहते हो, उसका इन्तहा तक विचार करो कि वह कहाँ तक तुम्हारा कल्याण करने वाला है| शकूक वाली ज़िन्दगी बसर मत करो|

घबराओ मत

गिरते पड़ते तुम कामयाब ज़रूर हो जाओगे ओर समय आने पर अपनेआप को पहचान लोगे| जो तुम्हारी सेवा कबूल करे उसका एहसानमन्द तुम्हे होना चाहिए|उसके कदमों को जाकर चूमो| क्योंकि उसने तेरे गुनाहों का बोझ अपने ऊपर ले लिया है| दस गाँव जलाने का इतना पाप नहीं होता जितना कि अन अधिकारी को चेला बनाने का होता है| हर जीव को अपनी आखरत का बहुत विचार करना चाहिए| ग़म खाना और सब़र करना ही जिज्ञासु पुरूषों का धर्म है| तू अपने आप को ईश्वर कर हवाले कर दे| तेरी फ़िक्र वो अपने आप करने वाला है| हर समय ऐसा विश्वास दृढ़ करने से बड़ी प्रसन्नता होती है| अपने आपको प्रभु के परायण जो कर देता है और हर आने वाले सुख-दुख, लाभ-हान, संयोग-वियोग को उस मालिक के हुक अन्दर विचार करता है, तब वह मालिक सारा उस भगत का बोझ अपने ऊपर ले लेता है| संसार में ये जितनी भी चीज़े देखने में आ रही हैं| मश्ला, सूरज, चन्द्रमा, तारे, जल, अग्नि, वायु, सागर, पूरयां और चार खानी के जिया- जन्त इन्डज, पिन्डज, सवैडज, चराचर सारे संसार का विस्तार भी दिखाई दे रहा है, सबका सब मजबूरी में चक्कर काट रहा है|

इस मजबूरी से खुलासी पाने का जो यत्न करने वाला है, वह ही खोजी जिज्ञासु है| उसे चाहिए हर समय उस मजबूरी का इलाज़ करे| जिस खुशी को पाने के लिए दौड़ लग रही है, वह सबके अन्दर मौजूद है, जिसने अपने अन्दर खोज शुरू कर रखी है वह एक ना एक दिन ज़रूर मंजिल मकसूद को पा लेगा| चलने वाले के वास्ते कोई साहल दूर नहीं रहता|
उन्हाँ मंजिलाँ कब तै करनी,
जिन्हाँ दा दिल धड़के|

Title pic source: www.soulation.org

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